भारत के किस हमेशा नई तकनीक और योजनाओं की तलाश में रहते हैं जिससे उनकी पैदावार और इनकम भी बढ़ सके इसी योजना के देखते हुए मोरिंगा खेती योजना 2025 एक महत्वपूर्ण पहल मोरिंगा जिसे सुपर फूड भी कहा जाता है हेल्थ और इनकम दोनों के लिए यह फायदा लेकर आई है भारत में किसानों की स्थिति काफी ज्यादा खराब है जिसके कारण काफी सारे किसान आत्महत्या जैसे कदम उठा रहे हैं और किसानो की इनकम भी काफी कम हो गई है जिसे देखते हुए सरकार ने यह योजना चलाई है अगर आप Moringa Kheti Yojana 2026 के बारे में सारी जानकारी चाहते हैं तो आप हमारे इस आर्टिकल को आखिर तक जरूर पड़े।
📌 Moringa क्या है?
मोरिंगा एक बहुमुखी पौधा है जो सुपर फूड दवाएं और औद्योगिक उपयोग के लिए जाना जाता है इसकी पत्तियों में विटामिन ए सी और कैल्शियम से भरपूर होती हैं इसके बीच का उत्पादन का उपयोग तेल और पानी को साफ करने में किया जाता है इसकी छाल और जड़ औषधि से भरपूर होती है इसकी खेती में लागत आती है और अधिक से अधिक लाभ इसमें कमाया जा सकता है
मोरिंगा एक बहुमुखी पौधा है जो सुपरफूड, औषधीय और औद्योगिक उपयोगों के लिए जाना जाता है।
- पत्तियां: विटामिन A, C और कैल्शियम से भरपूर
- बीज: तेल उत्पादन और पानी शुद्धिकरण में उपयोग
- छाल और जड़ें: औषधीय गुणों से भरपूर
इसकी खेती से किसान कम लागत में अधिक लाभ कमा सकते हैं।
🎯 Moringa Kheti Yojana 2026 के लाभ
अगर आप मोरिंगा की खेती करने की सोच रहे हैं तो आपके लिए काफी सारे लाभ मिलने वाले हैं जैसे सरकारी लाभ बीच ट्रेनिंग और सब्सिडी गवर्नमेंट की तरफ से प्रदान की जाती है कम पानी में उगने वाला पौधा है जिससे काम पानी बाले क्षेत्र में भी खेती संभव है सुपर फूड और मार्केट वैल्यू मरेंगे पाउडर तेल और पत्तियों की मांग तेजी से बढ़ रही है या इम्युनिटी बढ़ाने में काफी मददगार साबित होता है लंबे समय तक इनकम इससे होती है साल भर में कई बार पत्तियां काटकर बेची जा सकती हैं
- गवर्मेन्ट हेल्प : बीज, ट्रेनिंग और सब्सिडी प्रदान की जाती है।
- कम पानी में उगने वाला पौधा: सूखे क्षेत्रों में भी मुरोंगा की खेती संभव है।
- सुपरफूड और मार्केट वैल्यू: मुरोंगा पाउडर, तेल, और पत्तियों की मांग तेजी से बढ़ रही है।
- औषधीय गुण: Diabetes, BP और इम्यूनिटी बढ़ाने में मददगार।
- लंबे समय तक इनकम : सालभर में कई बार पत्तियां काटकर बिक्री की जा सकती है।
🏞️ Moringa की खेती के लिए अच्छी जगह
मोरिंगा की खेती के लिए आपको उचित जगह का चयन करना होगा लेकिन मोरिंगा हर तरह की मिट्टी में हो जाता है लेकिन हल्की मिट्टी और अच्छी होती है टेंपरेचर इसके लिए 25 से 35 डिग्री के बीच होना चाहिए बरसात भी ठीक-ठाक होनी चाहिए और सूरज की रोशनी इस पर पढ़नी चाहिए
मुरोंगा हर तरह की मिट्टी में उग सकता है, लेकिन हल्की मिट्टी और अच्छी drainage वाले खेत सबसे अच्छे हैं।
- तापमान: 25–35°C
- वर्षा: 750–1200mm
- सूर्यप्रकाश: Full Sunlight
Pro Tip: Moringa की खेती Mahbubnagar में गुमने की जगह जैसी खुली भूमि में बेहतर होती है।
⚙️ Moringa Kheti की प्रोसेस
- जमीन तैयारी: मिट्टी को जोतें और जैविक खाद मिलाएं।
- बीज बोना / पौध लगाए :
- बीज: 1–2 cm गहरे
- पौधे: 1.5–2 मीटर की दूरी पर
- सिंचाई: शुरुआती 2–3 महीने में लगातार पानी दें।
- खरपतवार नियंत्रण: 2–3 महीने के अंतराल पर।
- कटाई: पत्तियां 60–70 दिन में पहली बार कट सकती हैं।
Yield: 1 हेक्टेयर भूमि से 3–5 टन पत्तियां सालभर में मिल सकती हैं।
💰 Moringa Kheti Yojana 2025 में गवर्मेन्ट हेल्प
मुरैना खेती में सरकार काफी मदद कर रही है इसमें बीज और पौधा सरकार की तरफ से 50 से 75% सब्सिडी पर मिल रहा है इसके लिए प्रशिक्षण प्रोग्राम भी दिया जाता है जिसमें फ्री ट्रेनिंग दी जाती है जिससे आप खेती की तकनीक सीख सकते हैं सरकारी मंडी और मार्केट के जरिए इसे काफी आसानी से बेचा जा सकता है
- बीज और पौध वितरण: 50–75% सब्सिडी
- प्रशिक्षण प्रोग्राम: मुफ्त ट्रेनिंग से खेती की तकनीक सीख सकते हैं
- Marketing Support: सरकारी मंडी और ई-मार्केटिंग के जरिए बिक्री
आप इस योजना की अधिक जानकारी PM Jan Dhan Yojana 2025 पेज पर जाकर भी ले सकते हैं।
🌱 Moringa की फसल का व्यवसायिक मूल्य
मोरिंगा की मांग बढ़ती जा रही है। इसके उत्पाद जैसे:
- पत्तियों का पाउडर
- बीजों का तेल
- चाय और सप्लीमेंट
इनकी मार्केटिंग से सालाना ₹5–7 लाख प्रति हेक्टेयर तक की इनकम पॉसिबल है।
✅ Moringa Kheti के लिए Tips
- Regular pruning से पत्तियों की बढ़त बढ़ती है।
- Organic farming ज्यादा प्रॉफिट देती है।
- Early morning या evening में पानी देना चाहिए।
- Pest control के लिए neem oil का इस्तेमाल करें।
📅 Moringa की खेती का सही समय
- बीज बोना: जून–जुलाई (मानसून)
- कटाई: सितंबर–अक्टूबर और फरवरी–मार्च
- सालभर में 2–3 harvest संभव
❓ FAQ – Moringa Kheti Yojana 2026
Q1. Moringa की खेती में लागत कितनी आती है?
लगभग ₹50,000–70,000 प्रति हेक्टेयर।
Q2. सरकारी योजना के तहत सब्सिडी कितनी मिलती है?
बीज और प्रशिक्षण के लिए 50–75% तक।
Q3. Moringa किस-किस राज्य में उग सकता है?
सभी गर्म और उमस भरे राज्यों में; खासकर महाराष्ट्र, Telangana, MP, Rajasthan।
Q4. Moringa की सबसे अच्छी किस्म कौन सी है?
- PKM-1 और PKM-2
- Seedless और high-yielding hybrid
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📝 निष्कर्ष
Moringa Kheti Yojana 2026 किसानों के लिए एक बेहतरीन ऑप्शन लेकर आई है इसमें कम लागत और ज्यादा लाभ है और हेल्थ उपयोगी फसल होने के कारण यह योजना भविष्य में अभी काफी ज्यादा पॉपुलर होती है अगर आप फार्मिंग और प्रॉफिट मार्केटिंग में इनकम और इजाफा चाहते हैं तो आपके लिए मोरिंगा खेती योजना 2025 बिल्कुल परफेक्ट होने वाली है अगर आपको हमारे द्वारा लिखा गया आर्टिकल मॉर्निंग का खेती योजना 2026 अच्छी लगती है तो आप हमें कमेंट करके जरूर बताएं धन्यवाद











